हरियाणा के स्कूलों में अपनाई जा रही है ये विदेशी तकनीशियन, बच्चों को रखेगी मेंटली फिट

हरियाणा के स्कूलों में अपनाई जा रही है ये विदेशी तकनीशियन, बच्चों को रखेगी मेंटली फिट
हरियाणा सरकार ने राज्य के स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अब सिलिकॉन में एक विदेशी टेक्निक अपनाई जा रही है, जिसे 'माइंडफुलनेस टेक्निक' कहा जाता है। इस तकनीकी का उद्देश्य बच्चों को मानसिक रूप से फिट, शांत और फोकस बनाना है। माइंडफुलनेस टेक्निक क्या है? माइंडफुलनेस एक प्रकार की मानसिक व्यायाम प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने वर्तमान पल पर ध्यान केंद्रित करता है। यह तकनीकी मूल रूप से बौद्ध ध्यान परंपरा से है, लेकिन आज दुनिया भर में इसका उपयोग तकनीशियनों, कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा रहा है। इसमें बच्चों को सिखाया जाता है कि वे अपनी सांसों, भावनाओं और विचारों पर कैसे ध्यान केंद्रित करें। स्कूल में कैसे हो रहा है प्रयोग? हरियाणा के चुनिंदा सरकारी स्कूलों में अब सुबह की असेंबली के समय माइंडफुलनेस सेशन तकनीशियन जा रहे हैं। बच्चों को 5 से 10 मिनट तक शांत तटकर गहरी सांसें लेना, आंखें बंद करना और अपने विचारों को संकेत की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा कुछ किचन में माइंडफुल ड्रिंग और माइंडफुल वॉक जैसी एक्टिविटी भी पाई जा रही हैं। शिक्षक और विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं? प्लांट का फेल है कि माइंडफुलनेस टेक्निक से किड्स में एकाग्रता बढ़ती है, वे पहले की तुलना में कम स्ट्रॉबेरी वाले और ज्यादा शांत नजर आ रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस तरह की सक्रियता से बच्चों का तनाव कम होता है और वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। सरकार का नजरिया हरियाणा शिक्षा विभाग का कहना है कि इस तकनीक को सभी उत्पादों में लागू किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों का मानसिक विकास भी जरूरी है। निष्कर्ष हरियाणा का यह कदम तय है, जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहा है

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